इंसानियत की मिसाल

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आगरा | ताजनगरी के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर पोस्ट करने के शौक ने रांची की एक ग्यारहवीं की छात्रा को हीरोइन बनने का चस्का लगा दिया। परिवारजनों के वीडियो बनाने से मना करने पर युवती हीरोइन बनने के लिए फिल्मी स्टाइल में घर से भाग निकली और बिना टिकट के ट्रेन में बैठ गयी। ट्रेन में कुछ गलत लोगों की नजर युवती पर पड़ गयी और वो उसे बहला कर अपने साथ ले जाने लगे। इस दौरान आगरा के एक व्यापारी ने माहौल को देखते हुए शहर के एक सोशल एक्टिविस्ट की मदद से जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर आगरा में लड़की को रेस्क्यू किया और परिजनों के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक आगरा के अरविन्द झा का चेन बनाने की मशीन बेचने का काम है। इसी सिलसिले में वो रांची गए थे ,रांची से लौटते समय चंबल एक्सप्रेस में उन्हें एक लड़की दिखाई दी। कुछ लोग उसे नौकरी दिलवाने और हीरोइन बनाने का झांसा देकर अपने साथ चलने के लिए बहला रहे थे। माहौल देखकर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने आगरा में महफूज संस्था के कोर्डिनेटर नरेश पारस को इसकी जानकारी दी।नरेश पारस ने ट्विटर के माध्यम से रेलवे ,जीआरपी और आरपीएफ से मदद मांगी और खुद भी आगरा कैंट स्टेशन पहुंच गए। ढाई घंटे तक जगह जगह मदद मांगने के बाद आरपीएफ से फोन आया और फिर रेस्क्यू आपरेशन की तैयारी हुई। आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर युवती को रेस्क्यू किया गया। पूछताछ में युवती बालिग़ निकली और उसने अपना नाम किशु बताया। समाजसेवी नरेश पारस ने बताया की युवती शुक्रवार को ट्रेन में सवार हुई थी और उसके पास मात्र 800 रुपये थे। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हुए युवती ने कहा माय लाइफ इज माय ड्रीम और उसी ड्रीम को पूरा करने वो निकली है। युवती के पास टिकट नहीं था और उसे यह भी तय नहीं था की उसे कहां जाना है। ट्रेन से उतरने के बाद भी कुछ लोग हम लोगों को समझा कर उसे अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे। युवती से नंबर लेकर उसके परिजनों को सूचना दी गयी और रात दो बजे उसकी दिल्ली निवासी बुआ आगरा आईं। तस्दीक के बाद आरपीएफ ने युवती को उनके सुपुर्द कर दिया। गनीमत रही की आगरा के कारोबारी ने उसे बचा लिया वरना वो बड़ी मुश्किल में फंस सकती थी।