भारत में अब तक करीब 8 लाख को लगा टीका…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना टीकाकरण के दूसरे चरण में टीका लगवाएंगे। खबरों के मुताबिक, कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण इसी साल मार्च या अप्रैल में शुरू हो सकता है। सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि फिलहाल पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया, ‘पहला चरण खत्म होने के बाद अपनी बारी आने पर पीएम मोदी टीका लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में कहा था कि राजनेताओं को क्रम नहीं तोड़ना चाहिए और टीका तब ही लगवाना चाहिए जब उनकी बारी आएगी।’ बता दें कि 11 जनवरी को पीएम मोदी ने कोरोनो के पहले चरण को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी।

दूसरे चरण में 50 से ऊपर की उम्र वालों को लगेगा टीका

पहले चरण के अंदर भारत में 3 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में उन 27 करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा जिनकी उम्र 50 साल से ऊपर है या फिर जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से कोरोना का ज्यादा खतरा है। पीएमओ के अधिकारी ने बताया कि 70 वर्षीय मोदी भी इसी चरण में टीका लगवा सकते हैं।

मार्च या अप्रैल महीने में लगेगा पीएम मोदी को टीका

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बारी मार्च या अप्रैल महीने में आ सकती है। हालांकि, जब अधिकारी से यह पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में लगाई जा रही दोनों कोरोना वैक्सीन में से किसी एक को चुनेंगे तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। भारत में फिलहाल सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की बनाई ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन और भारत बायोटेक की बनाई कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।

टीकाकरण अभियान की शुरुआत से विपक्षी उठा रहे सवाल

विपक्षी पार्टियां केंद्र के मंत्रियों के पहले चरण में टीका न लगवाने को लेकर सवाल खड़े कर रही थी। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने टीकाकरण अभियान शुरू होने पर यह बयान दिया था कि अगर कोरोना की वैक्सीन इतनी ही सुरक्षित है तो केंद्र के मंत्री इसे क्यों नहीं लगवा रहे।

भारत में अब तक करीब 8 लाख को लगा टीका

भारत में अभी तक 7 लाख 86 हजार 842 स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका दिया जा चुका है। इनमें से 1 लाख 12 हजार 7 लाभार्थियों को बुधवार शाम 6 बजे तक वैक्सीन दी गई थी।

भारत में टीकाकरण सबसे सुरक्षित

भारत में 16 जनवरी से शुरू कोरोना टीकाकरण के बाद अब तक 600 लोगों को बीमार होने की जानकारी मिली है, जो कि दुनिया के बाकी देशों की तुलना में सबसे कम है। इनमें से 82 लोग बुधवार को बीमार हुए। अभी तक 6 राज्यों में कोरोना टीकाकरण के बाद दिखे लक्षणों की वजह से 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें से 7 को छुट्टी भी दे दी गई है।