गलती की है वह दोबारा नहीं करेगा…….

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यमुनानगर – कोर्ट ने एक नाबालिग आरोपी को छीने गए सामान की बरामदगी होने पर दोषी करार दिया। कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। इसी बीच कोर्ट ने बच्चे की मां को बुलाया गया। मां से कोर्ट ने कहा कि बच्चे ने अपराध किया है। अगर वह भरोसा दिलाए कि बच्चा दोबारा ऐसा नहीं करेगा तो उसे बाल सुधार गृह की बजाए घर भेज सकते हैं। इस पर बच्चे की मां ने कहा, बेटे ने जो गलती की है वह दोबारा नहीं करेगा। वह शांति से अपना जीवन बिताएगा। मां के इस आश्वासन पर कोर्ट ने बच्चे को मां के साथ भेज दिया। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग को धारा-411 में दोषी माना था। इस मामले में आम केसों में तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि पुलिस ने नाबालिग को स्नैचिंग के मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन सुनवाई के दौरान उस पर स्नैचिंग के आरोप साबित नहीं हुए। छीने गए पर्स में जो मोबाइल था वह नाबालिग के पास से बरामद हुआ था। इसलिए उसे कोर्ट ने धारा-411 में दोषी माना। इंद्रा गार्डन निवासी सुमन शर्मा ने शहर यमुनानगर पुलिस को दो साल पहले शिकायत दी थी कि तीन बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया। इसमें मोबाइल, 10 हजार रुपए कैश, सोने के टॉप्स और जरूरी कागजात थे। स्नैचिंग करने वालों की बाइक पर नंबर भी नहीं था। इस शिकायत पर पुलिस ने 13 फरवरी 2018 को धारा- 379ए में केस दर्ज किया था। पूछताछ में उसने अपराध कबूला था। तब पुलिस ने दो अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वे इस केस में 22 अक्टूबर 2019 को बरी हो चुके हैं। नाबालिग पर लूट का केस भी चल रहा है। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 27 सितंबर 2018 को मोदी मिल यमुनानगर के पास एक ट्रक ड्राइवर से लूट की थी। वहां से पांच हजार रुपए कैश और मोबाइल लूट ले गए थे। इस मामले में भी नाबालिग के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई चल रही है। इस मामले में अभी फैसला नहीं आया है।