कार नहर के पानी में उतर गई…….

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बारडोली – रविवार को बच्ची की 12वीं साइंस की प्रैक्टिकल परीक्षा थी, इसलिए मढ़ी का परिवार अपनी कार से बारडोली जा रहा था। इस दौरान छुट्‌टी होने के कारण 14 वर्षीय बेटा भी साथ में आने को तैयार हो गया। उवा गांव के पास गुजरते समय काकरापार मुख्य कैनाल रोड पर अचानक पिता का स्टीयरिंग से संतुलन खो गया जिससे कार नहर के पानी में उतर गई। जबकि इस दौरान पिता ने कार से निकलकर दोनों हाथ ऊपर कर मदद के लिए गुहार लगाई कि कि मुझे तैरना नहीं आता बचा लो। दुर्भाग्यवश मौके पर मौजूद युवक को भी तैरना नहीं आता था और थोड़ी देर में ही कार गहरे पानी में डूब गई। कार में सवार दोनों भाई-बहन भी बाहर नहीं निकल पाए, जिससे उनकी डूबने से मौत हो गई। जबकि पिता गहरे पानी में लापता हो गए। घटना के बाद स्थल पर पहुंची फायर की टीम ने दोनों भाई-बहन के शव को बाहर निकाला। मढ़ी गांव में रहने वाले शशी धनसुख परमार मंडप डेकोरेशन का व्यवसाय करते थे। बेटी ऊर्वी परमार (17) बारडोली की जेएम पटेल हाईस्कूल की कक्षा 12वीं साइंस में पढ़ाई करती है जिसकी रविवार के दिन प्रोजेक्ट प्रैक्टिकल परीक्षा थी। इसलिए पिता शशि भाई अपनी बेटी ऊर्वी और बेटे यश परमार (14) को साथ में लेकर अपनी कार के जरिए निकले थे। नहर से क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया, जिसमें भाई और बहन के शव मिल गए है, जबकि कार चालक पिता शशि भाई गहरे पानी के प्रवाह में लापता हो गए। बारडोली फायर की टीम शशि भाई की तलाश में जुटी हुई है। उर्वी और यश दोनों भाई-बहन के शवों का पीएम कराने के बाद बारडोली सरदार अस्पताल के कोल्ड रूम में रखा गया है। काकरापार मुख्य कैनाल में व्यारा के एक ही परिवार के 5 सदस्य बामणी गांव से दर्शन कर लौट रहे थे, तभी उनकी इको कार नहर में गिर गई। गौर करने वाली बात है कि किसी को इस बात की खबर तक नहीं थी, इसलिए परिवार के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज की गई थी। लेकिन बाद में कुछ दिनों बाद नहर में पानी जब कम हो गया तब इको कार दिखाई दी, तब परिवार के पांचों सदस्यों के शवों को बाहर निकाला गया था। जबकि कुछ दिनों पहले एक युवक की स्विफ्ट कार भी इसी नहर में समा गई थी जिसमें युवक की मौत हो गई थी। रविवार को भी इसी तरह की घटना का पुनरावर्तन हुआ है। काकरापार मुख्य कैनाल से गुजरते समय रोड और नहर के बीच कई स्थानों पर बहुत ही कम अंतर है। ऐसे स्थान पर नहर किनारे रेलिंग बनाई जाती है तो होने वाले हादसों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। नहर और रोड के बीच तथा मोड़ वाले इलाकों पर रेलिंग बनना बहुत जरूरी है।