डबल मर्डर………..

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वापी – वलसाड पुलिस ने वापी में डबल मर्डर केस का 10 दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया। चणोद कॉलोनी में शनिवार रात दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने बेटे समेत उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बेटे ने ही दोस्त को 5 लाख रुपए की सुपारी देकर मां की हत्या करने की योजना बनाई थी। बेटे ने कबूल किया कि उसकी मां के तीन से अधिक लोगों के साथ संबंध थे, जिनके साथ वह सोशल मीडिया पर अश्लील चैटिंग करती थी। इसके अलावा मां अपनी संपत्ति को दान करने वाली थी, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। जीआईडीसी पुलिस ने बताया कि अभी बिहार के शॉर्प शूटर फरार हैं। आरोपी बेटे और दोस्त को 27 जनवरी तक रिमांड पर रखा गया है। वलसाड एसपी सुनील जोशी ने बताया कि चणोद कॉलोनी में रहने वाली 51 वर्षीय रेखा बेन ब्रह्मदेव महेता और पुलगाम जवाहर नगर वर्धा से आई 47 वर्षीय सहेली अनीता उर्फ दुर्गा शेखर खडसे 11 जनवरी की रात 8.45 बजे घर में टीवी देख रहीं थीं, तभी बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दोनों की हत्या कर दी थी। मामले में रेखा के बेटा बिपिन उर्फ गुड्डू की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। दोहरे हत्याकांड में हत्यारों को पकड़ने के लिए दमण, सिलवासा, बिहार और पश्चिम बंगाल तक दबिश देने के लिए योजना बनाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि रेखा का ही बेटा बिपिन इस केस में मुख्य आरोपी है। जो रेखा के चरित्र और प्रॉपर्टी विवाद से परेशान था। जिसके चलते उसने अपनी ही मां की हत्या के लिए अपने दोस्त कुंदन गिरी शंभू कांत गिरी को 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। इसके लिए 1 लाख रुपए एडवांस भी दिए थे। कुंदन गिरी ने बिहार से दो शॉर्प शूटर बुलाकर शनिवार की रात घटना को अंजाम दिया। लेकिन शॉर्प शूटर रेखा को ठीक से पहचान नहीं पाए थे इसलिए फायरिंग में रेखा की सहेली अनीता भी इसका शिकार हो गई। मां की हत्या करने के लिए बेटे बिपिन ने पूरी योजना बनाई थी। दोस्त को 5 लाख रुपए सुपारी देने के बाद एडवांस में 1 लाख रुपए भी चुका दिए थे। हत्या करने आने वाले शूटरों को बाइक प्रोवाइड करने के लिए एक दिन पहले ही उसने चणोद कॉलोनी में गैरेज की दुकान चलाने वाले उद्दमसिंह सुभाष सिंह चौहान से 12500 रुपए में बाइक खरीदी थी। रेखा और उसकी सहेली अनीता की हत्या के 2 दिन बाद बाइक दमण गंगा नदी किनारे स्थित श्मशानभूमि से बरामद की गई थी। पुलिस ने बाइक जब्त कर चैचिस और इंजिन नंबर के आधार पर जांच की तो मूल मालिक ने बाइक को बेचने के लिए गैरेज में दी थी। जिसे हत्या के एक दिन पहले ही आरोपी बिपिन ने खरीदी थी, इसलिए पुलिस को जांच के दौरान ही बिपिन पर शक होने लगा और अंततः वह यकीन में तब्दील हो गया। पूछताछ में पता चला है कि चणोद कॉलोनी इलाके में मां के चरित्र को लेकर चर्चाएं होने के बाद आरोपी बिपिन ने मां का मोबाइल बक हैक कर लिया था। इसके बाद वह अपनी मां के सारे मैसेजेस को अपने मोबाइल में ही देखता था। इसी क्रम में उसने अपने मोबाइल में देखा कि उसकी मां वाट्सअप और फेसबुक पर अलग-अलग पुरुषों के साथ संबंध रखकर उनसे अश्लील चैटिंग करती थी। 3 से अधिक पुरुषों के साथ संबंध और संपत्ति दान करने की बात को लेकर आखिर बेटे ने ही अपनी मां की हत्या करने की योजना बनाई थी। डबल मर्डर केस का पर्दाफाश करने में पुलिस ने अनेक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था। इस घटना में एकमात्र सबूत लाल कलर की नंबर प्लेट बगैर की सीबीजेड बाइक पर हत्यारे आने की जानकारी मिली थी और इसी कड़ी के चलते इस हत्याकांड का भेद खुल पाया। हत्या के दूसरे दिन लावारिस बाइक मिलने के बाद पुलिस को इस केस को सुलझाने में सफलता मिल गई।