पुलिस चेक पोस्ट लावारिस……..

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पालनपुर-  गुजराज पुलिस के डीजीपी शिवानंद झा ने 23 दिसम्बर को राज्य एवं जिला स्तर की पुलिस चेक पोस्ट को बंद करने का आदेश दिया है। मंगलवार को राजस्थान से सटी अरवल्ली की रतनपुर शामणाजी और बनासकांठा अंबाजी और अमीरगढ़ की पुलिस चेक पोस्ट लावारिस हो गई हैं। यहां कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं हैं। अब यहां से हर तरह के वाहन गुजर रहे हैं। इससे यहां से शराब की हेराफेरी बढ़ गई है। बनासकांठा राजस्थान की सीमा पर स्थित अमीरगढ़, गुंदरी, खोड़ा, नेनावा, सीमा की छापरी, वासण, कपासिया समेत अंतरजिला की 15 पुलिस चेक पोस्ट को बंद कर देने से राजस्थान तरफ से गुजरात आने वाले ट्रकों समेत सभी तरह के वाहन बेरोक-टोक गुजरात में प्रवेश कर रहे हैं। पहले यहां सघन चेकिंन होती थी। तब करोड़ों की शराब पकड़ी जाती थी। लेकिन, अब इन चेक पोस्ट पर एक भी पुलिसकर्मी न होने से ट्रक चालक खुश हैं। अब उनके वाहन बेखौफ गुजरात में प्रवेश कर रहे हैं। इससे एक बात यह अच्छी हुई कि अब यहां ट्रैफिक समस्या नहीं है। राज्य की सीमाओं के आसपास की सभी पुलिस चेक पोस्ट बंद कर देने से वाहन चेकिंग पाइंट हटा दिए गए हैं। यहां पर तैनात पुलिसकर्मियों को अन्य कामों में लगा दिया गया है। इससे तस्करों को खुला मैदान मिल गया है। इससे अपराधी तत्व अब सक्रिय होने लगे हैँ। अब शराब भी बेरोक-टोक आ रही है। डीजीपी शिवानंद झा ने फेक्स से जो परिपत्र सभी पुलिस कमिश्नर, जिला पुलिस अधीक्षक, एटीएस तथा कोस्टल सिक्योरिटी के प्रमुख समेत सभी अधिकारियों को भेजा है, उसमें कहा गया है कि गुजरात को जोड़ने वाली मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा समुद्री पुलिस चेक पोस्ट हटा लिए जाएं। यहां पर तैनात कर्मचारियों को कानून एवं व्यवस्था की अनुषांगिक ड्यूटी पर तैनात कर दिया जाए। इस संबंध में जब भास्कर ने गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने बात की, तो वे भी इस संबंध में कुछ स्पष्ट रूप से अपनी बात नहीं रख पाए। उनका कहना था कि यह निर्णय डीजी स्तर पर लिया गया है। क्यों लिया गया है, किन कारणों से लिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है। राज्य में शराबबंदी है, ऐसे में राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से शराब की हेराफेरी करने वाले तत्वों पर किस तरह से कार्रवाई की जा सकती है? समुद्री मार्ग से इसके पहले भी आतंकी घुसे हैं और तबाही मचाई है, ऐसे में समुद्र के अलावा सड़क मार्ग के चेक पोस्ट हटा दिए जाने से घुसपैठियों पर किस तरह से रोकथाम की जा सकती है। रात में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर किस तरह से अंकुश लगाया जा सकता है। अपराध कर दूसरे जिलों में भाग जाने वाले अपराधियों पर किस तरह से पकड़ा जा सकेगा। राज्य में अंतरजिलों और जिलों के भीतर तहसील स्तर पर करी 200 से अधिक चेक पोस्ट हैं। हर चेक पोस्ट पर करीब 5 कर्मचारी तैनात होते थे, रात के समय यह इंतजाम और भी सख्त हो जाता था। पर अब ऐसा नहीं है, अब यहां से हर तरह के वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं। अगले ही हफ्ते नया साल शुरू हो रहा है, ऐसे में यहां शराब की तस्करी जोरों पर है।