जल कर्फ्यू जैसी स्थिति……

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पटना –  लगातार हो रही बारिश के कारण पटना में जल कर्फ्यू जैसी स्थिति है। राजधानी के 80% घरों में पानी घुस गया है। यहीं नहीं राजेंद्र नगर समेत कई इलाकों में 36 घंटे से बिजली-पीने का पानी तक नहीं है। राजधानी में मानसून की 40% बारिश पिछले 48 घंटे में ही हुई। सोमवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इससे सूबे की नदियों में भारी उफान है। सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पार पहुंच गयी हैं। उनके जलस्तर में तेज बढ़ोतरी जारी है। सबसे खतरनाक ढंग से पुनपुन बढ़ रही है। इससे बड़ा संकट पटना पर है। दरअसल पटना के निकट की चारों नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गयी है। सीएम बोले-पुनपुन से सतर्क रहें, बिगड़ सकते हैं हालात : पुनपुन का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके जलस्तर में 26 घंटे में 2.50 मीटर की वृद्धि की संभावना व्यक्त की गयी थी। तब नदी का जलस्तर श्रीपालपुर में 53.70 होगा जो कि 1975-76 के उच्चतर 53.91 मीटर से महज 21 सेमी कम होगा। 1975 में पुनपुन ने बेइंतहां तबाही मचाई थी। तब चपेट में पटना भी आया था। सीएम ने भी कहा-पुनपुन से सतर्क रहें, बिगड़ सकते हैं हालात। गंगा, सोन, पुनपुन के बाद दरधा नदी का जलस्तर भी रविवार को खतरे के निशान के पार हो गया। राजधानी से पानी निकालने में विफल साबित हो रही राज्य सरकार ने केन्द्र को त्राहिमाम संदेश भेजा है। राज्य सरकार ने पटना से पानी निकालने के लिए कोल इंडिया से दो डीवाटरिंग पंप की मांग की है। साथ ही जलजमाव में फंसी राजधानी की बड़ी आबादी को निकालने और उनके बीच फूड पैकेट का वितरण करने के लिए एयरफोर्स से दो चौपर की आवश्यकता जतायी है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सोमवार को पंप और चौपर आ जाएंगे। डीवाटरिंग पंप का इस्तेमाल कोयला खदानों से पानी निकालने में होता है। एमयू की चल रही स्नातक पार्ट थ्री की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। वहीं, पाटलिपुत्र विवि विवि में बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षाएं 10 तक टाल दी गईं हैं। 28 सितंबर की स्थगित परीक्षा अब 11 अक्टूबर को होगी। इसके अलावा शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूल मंगलवार तक बंद रहेंगे।