चंडीगढ़ –  यूटी चंडीगढ़ में आने वाले टूरिस्ट सुखना लेक देखने के लिए जरूर पहुंचते हैं। इसके लिए यहां पर खास इंतजाम टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए किए जा रहे हैं। पहले दो क्रूज सुखना लेक में चलाए जा रहे हैं जिसके बाद अब बड़ी पार्टी बोट इस लेक में चलाए जाने की तैयारी है। करीब 60 से ज्यादा लोगों की कैपेसिटी वाली इस खास बोट का इंतजाम इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग लेट नाईट पार्टी भी इसमें कर सके। इस बोट में इतनी जगह होगी कि हलके म्यूजिक में लोग डांस कर सकें, ऊपर टैरेस में बैठकर एन्जाॅय कर सकते हैं जिसके अलावा एक छोटी पेंट्री इसमें होगी ताकि खाने पीने की चीजेें यहीं से मिल सके और साथ ही यहां सिटको के रेस्टोरेंट से भी खाने पीने का सामान इसमें भेजा जाएगा। वहीं चंडीगढ़ के कई जगहों पर जहां टूरिस्ट आते हैं वहां पर कियोस्क बनाए गए थे लेकिन इनमें से कई टूट चुके हैं या फिर खराब स्थिति में है। इसलिए अब इन जगहों जैसे बस अड्डे के पास इस तरह के खास कियोस्क लगाए जाएंगे जिससे लोगों को चंडीगढ़ की जगहों के बारे में जानकारी मिल सके।
रॉक गार्डन
शिकागो, सिडनी, न्यू योर्क की तर्ज पर चंडीगढ़ की पहली पब्लिक आर्ट पाॅलिसी मंजूर हो चुकी है। इसके इंप्लीमेंट होने के बाद शहर में टूरिज्म के हिसाब से कई नई चीजें की जा सकेंगी। इसमें खासतौर से पब्लिक एरिया की ब्यूटिफिकेशन बेहतर तरीके से की जा सकेगी। मिनिस्ट्री के प्रोग्राम स्वदेश दर्शन के तहत चंडीगढ़ के लिए एक कंसल्टेंट एप्वाइंट किया गया है। ये कंसल्टेंट अब चंडीगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करेगा। इसमें सुखऩा लेक में क्या नई चीजें की जा सकती है। यहां पर लाइट एंड साउंड शो करवा सकते हैं या नहीं, राॅक गार्डन को लेकर, कैपिटल कॉम्प्लेक्स को लेकर क्या काम किए जा सकते हैं। इस प्लानिंग को कंसल्टेंट मिनिस्ट्री को सब्मिट करेगा जिस पर यूटी को फंड्स दिए जाएंगे उन कामों को जिसको लेकर कंस्लटेंट ने सिफारिश की होगी। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक महीने में आते-जाते हैं 2 लाख पैसेंजर सिटी ब्यूटीफुल गार्डन के लिए मशहूर है। रोज गार्डन जहां हर रंग के गुलाबों हैं। इसे देश के पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के नाम पर बनाया गया। सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन में रोज की 900 किस्में हैं, जो टूरिस्ट को लुभाती हैं। हालांकि कुल पौधों की संख्या यहां 50,000 है। यहां हर साल फरवरी में रोज फेस्टिवल का आयोजन होता है। जिसे देश-विदेश से पर्यटक देखने आते हैं। गार्डन का उद्घाटन 1967 में हुआ था। यूनेस्को की ओर से कैपिटल कॉम्पलेक्स को हेरिटेज का दर्जा दिया।
ये खास जगहें देखना न भूलें –  ओपन हैंड मॉन्युमेंट: ओपन टू गिव, ओपन टू रिसीव’ इस थीम पर बने ओपन हैंड मॉन्युमेंट का यही उद्देश्य है। यह शहर के स्वभाव को दर्शाता है। जो सभी के लिए खुला है और सदैव देने का भाव रखता है। 26 मीटर ऊंचा और 50 टन भारी यह ओपन हैंड हवा में हर दिशा में घूमता है।