ई – सिगरेट …….इसकी बिक्री पर तुरंत रोक लगे

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भाेपाल –  रेगुलर सिगरेट /  ई – सिगरेट। दाेनाें के ही पीने से व्यक्ति काे लंग कैंसर हाेता है। लेकिन, ई – सिगरेट पीने से कैंसर के अलावा व्यक्ति काे इनफर्टिलिटी, ब्रेन अाैर लिवर संबंधी बीमारियां ज्यादा हाेती है। इसकी वजह ई – सिगरेट पीने पर व्यक्ति के फेफड़ाें के मार्फत व्यक्ति के ब्लड में निकाेटिन ज्यादा मात्रा में पहुंचना है। एेसा सिगरेट के इस माॅडल में निकाेटिन टैंक का इनबिल्ट हाेने के कारण हाेता है।
ई-सिगरेट पीने का चलन स्कूल अाैर काॅलेज के बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है। बच्चों अाैर युवाओं काे सिगरेट की लत से बचाने के लिए प्रदेश में इसकी बिक्री पर राेक लगना जरूरी है। यह बात शनिवार काे नेशनल सेंटर फॉर ह्यूमन सेटलमेंट एंड एन्वॉयर्नमेंट की रिपोर्ट में सामने आई है। संस्था के महानिदेशक डॉ. प्रदीप नंदी ने बताया कि देश के 14 राज्याें में ई – सिगरेट की बिक्री प्रतिबंधित हाे चुकी है। मप्र सरकार भी इसकी बिक्री काे प्रतिबंधित करे।
रेगुलर सिगरेट… इसमें 1500 केमिकल कैंसर कारक होते हैं
इस सिगरेट में 7 हजार से ज्यादा केमिकल हाेते हैं, जिनमें से 1500 केमिकल कैंसर कारक हाेते हैं। फेफड़ाें के कैंसर के मरीज बढ़ने की मुख्य वजह युवाओं में यह सिगरेट पीने का चलन बढ़ना है।
रेगुलर सिगरेट पीने से सिगरेट के धुएं से नजदीक बैठा व्यक्ति भी प्रभावित हाेता है। वजह उसके शरीर में सेकंडरी स्माेकिंग से निकाेटिन पहुंचना है।
इसके पीने से व्यक्ति के शरीर में सिर से लेकर पांव तक की ब्लड वैसल सिकुड़ जाती हैं। इससे व्यक्ति काे ब्रेन स्ट्राेक और लंग कैंसर की बीमारी हाे सकती है।
ई – सिगरेट… रेगुलर की तुलना में ज्यादा निकोटिन पहुंचता है
इसके पीने से व्यक्ति के शरीर में रेगुलर सिगरेट की तुलना में ज्यादा मात्रा में निकाेटिन पहुंचता है। इससे व्यक्ति काे इनफर्टिलिटी हाे सकती है।
शरीर में ज्यादा निकाेटिन जाने के कारण लिवर डिसीज, स्किन डिसीज (गैंगरीन), मिर्गी जैसे दाैरे अाने की बीमारी हाे सकती है।
व्यक्ति के जीन काे डैमेज करती है, जिसका असर, उसके पीने वाले व्यक्ति की संतान पर भी हाेता है। कई बार निकाेटिन के कारण जीन डैमेज हाेने से संबंधित की संतान भी विकलांग पैदा हाेती है।
यह सिगरेट बैैटरी ऑपरेटिव है। इस कारण स्माेक करने के दाैरान बैटरी फटने से हादसा हाेने की अाशंका हमेशा बनी रहती है।
एक्सपर्ट कमेंट निकाेटिन च्युइंगम से हो सकती है सिगरेट छोड़ने की शुरुआत : नवाेदय कैंसर हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. श्याम अग्रवाल ने बताया कि लाेग रेगुलर स्माेकिंग की अादत काे छाेड़ने के लिए ई सिगरेट पर शिफ्ट हाे जाते हैं। इससे सिगरेट पीने से हाेने वाली बीमारियाें का खतरा घटने के बजाय बढ़ जाता है। जाे लाेग सिगरेट पीना छाेड़ना चाहते हैं, वे ई सिगरेट के स्थान पर निकाेटिन च्युइंगम खाएं। इससे व्यक्ति की रेगुलर अाैर ई सिगरेट पीने की लत छूट जाती है।

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