पीएफ के नाम या जन्मतिथि में बड़ा बदलाव ऑनलाइन न करें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ खाते से जुड़ी तमाम दावों और आवेदनों की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। लेकिन अभी भी तमाम ऐसे बदलाव हैं, जिनके लिए ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। जैसे पीएफ में खाताधारक के नाम में बड़ा परिवर्तन या जन्मतिथि में एक साल से ज्यादा बदलाव चाहते हैं तो यह फॉर्म के जरिये ही किया जा सकता है। इसके लिए भविष्य निधि कार्यालय में जरूरी प्रमाणपत्र जमा कराना आवश्यक है। पिता का नाम, सदस्यता ग्रहण करने की तिथि और छोड़ने की तिथि में परिवर्तन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अगर आप इन बदलावों के लिए ऑनलाइन आवेदन देते हैं तो समय बर्बाद होगा और नतीजा भी नहीं निकलेगा।

आधार, बैंक खाता UAN से लिंक होना जरूरी

पीएफ से जुड़ी तमाम सुविधाओं में तेजी चाहते हैं तो अंशधारक को सुरक्षा और सुविधा के लिए यूनीवर्सल अकाउंट नंबर के साथ आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जरूर लिंक कराना चाहिए। इन दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि में अंतर होने से आधार लिंक में दिक्कत आती है। अगर आधार में नाम सही है तो पीएफ खाते में नाम ठीक कराने के लिए कंपनी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन सेवाओं के लिए यूएएन सक्रिय होना जरूरी है और इसे संगठन की वेबसाइट www.epfindia.gov.in से कर सकते हैं।

उमंग एप से भी पाएं तमाम सुविधाएं

अगर आधार और अन्य जरूरी चीजें लिंक हैं तो उमंग एप से भी निकासी संबंधी दावे कर सकते हैं। ऐसे सदस्यों को प्रतिमाह पीएम जमा होने, दावा प्राप्त होने, दावा मंजूर होने, भुगतान की सूचनाएं मोबाइल पर मैसेज से दी जाती हैं। इससे उनके खाते से धोखापूर्ण निकासी के संभावना भी समाप्त हो जाती है। अगर इन दस्तावेजों के नाम या जन्मतिथि में गड़बड़ी है तो दावे में काफी देरी लग सकती है।

पीएफ से 75 फीसदी पैसा ही निकाल सकेंगे

सेवानिवृति से पूर्व घर बनाने / खरीदने, बच्चों की शिक्षा, परिवार के सदस्यों का इलाज, विवाह आदि के लिए भी सदस्य अपने भविष्य निधि खाते से धनराशि निकाल सकता है। हालांकि निकासी की सीमा को इसी माह कुल राशि के 90 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया है।

अब प्रतिमाह अंशदान का भुगतान और रिटर्न ऑनलाइन जमा होता है। सभीको एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर मिलता है। इससे नौकरी बदलने पर अपना पुराना भविष्य निधि खाता नए खाते में ट्रांस्फर कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एक यूएएन के जरिये सभी कंपनियों में अंशधारक की जमाराशि जुड़ती रहेगी।

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