नौ विधायक, दो सांसद दिए, फिर भी आगरा की अनदेखी

हम सभी भाजपा के समर्थक हैं। पार्टी को हर संभव सहयोग देते हैं। पहले की बात अलग थी, लेकिन अब तो केन्द्र में भी हैं, प्रदेश में भी हैं, यहां तक कि मेयर भी हमारे ही हैं। हमने पार्टी को विधानसभा की सभी नौ सीटें दी। लोकसभा की दोनों सीटें दीं। इसके बावजूद उद्योगों की आवाज सुनी नहीं जा रही है। टीटीजेड की बंदिशों में उद्योग अटके हुए हैं। यहां तक कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक योजना के चर्म उत्पाद भी फंसे हुए हैं। नए लग नहीं सकते, पुराने की क्षमता बढ़ नहीं सकती। यहां तक कि होटलों को भी प्रदूषण की श्रेणी में रख दिया है। यह तो आगरा से ज्यादती है। आप कुछ कीजिए।
बुधवार दोपहर एनएच-2 पर सब्जी मंडी के पास स्थित डावर फुटवियर के सभा कक्ष में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू से वार्ता के दौरान आगरा के उद्यमियों ने यह बात रखी। लगभग 40 मिनट के इस संवाद में देश-विदेश के कई मसले थे, तो आगरा की सड़कों के निर्माण की खामी, सड़क पर उड़ती धूल, बंदरों और श्वानों के काट खाने के विषय भी थे।
उद्यमी एक तरफ शिकायत रख रहे थे, दूसरी तरफ यह भी साबित करने का प्रयास कर रहे थे कि वह लोग भाजपा के प्रति समर्पित हैं। ऐसे क्षण भी आए जब एक दो स्वरों में अत्यधिक नाराजगी झलकी, इस समय मेजबान ने बात संभालते हुए कहा कि यह सभी भाजपा के कट्टर समर्थक हैं। पार्टी को दिल से चाहते हैं। इच्छा रखते हैं कि लोगों में नाराजगी न बढ़े जिससे कि पार्टी को 2019 के चुनाव में जीतना भारी पड़ जाए। इस टिप्पणी पर भाजपा उपाध्यक्ष ने तुरंत बोला कि 2019 के लिए चिंतित न हों, पार्टी फिर आ रही है।

यह विषय रखे गए
: प्रदूषण की श्रेणी का दोबारा से निर्धारण हो, ताकि औद्योगिक विकास में बाधा न आए।
: विभिन्न विभागों का समन्वय, ताकि विकास कार्य सही दिशा में और ठीक से हों।
: आगरा में ताजमहल और पर्यटन विकास के लिए अलग से योजना का निर्धारण।
: आवारा जानवरों की समस्या का स्थायी हल, साथ में पब्लिक की पुख्ता सुरक्षा।
: अफसरशाही पर अंकुश लगा कर उनकी रिश्वतखोरी पर लगाम लगाई जाए।
: आगरा के महत्व को देखते हुए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का जल्द से जल्द निर्माण।

फर्स्ट टाइमर होते हुए बहुत किया
एक मौके पर भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि वह लोग विपक्ष के एक्सपर्ट रहे हैं। सत्ता का अनुभव नहीं रहा। बड़ी संख्या में सांसद, मंत्री, यहां तक कि पीएम फर्स्ट टाइमर थे। ऐसे हालातों में ब्यूरोक्रेसी से काम निकालना आसान नहीं होता। फिर भी इस टीम ने बहुत काम किया। आर्थिक दृष्टि से बहुत काम किए। एक भी रुपया कर्ज नहीं लिया। पूरी दुनिया में देश की साख बढ़ाई। काम काज में पारदर्शिता बढ़ाई। क्रियान्वयन स्तर पर अच्छे प्रयास हो रहे। इसका नतीजा आने वाले समय में दिखेगा।

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