लाखों की तादाद में श्रद्धालु संगम तट पर…….

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प्रयागराज –  पौष पूर्णिमा स्नान के लिए गुरुवार देर रात तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच गए। कल्पवासियों ने भी शिविरों में डेरा डाल दिया। लोग सुबह से ही पवित्र स्ननान कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि पौष पूर्णिमा पर 32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पुण्य की डुबकी लगाने का अनुमान है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के आगाज पर कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। पौष पूर्णिमा स्नान को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। नागवासुकि से अरैल के बीच संगम के 16 घाटों पर श्रद्धालु पौष पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। लोग परिजनों के साथ पौष पूर्णिमा स्नान के देर रात तक पहुंचते रहे।
खाक चौक, दंडी स्वामीनगर, आचार्यबाड़ा के अलावा जूना अखाड़े की भगवान दत्तात्रेय समिति, गंगा सेना व तीर्थपुरोहितों की ओर से लगाए गए शिविरों में बड़ी तादाद में कल्पवासियों ने जगह बना ली। योगी सरकार ने माघ मेले के लिए 57,90,61,000 रुपए का बजट जारी किया है। कुंभ की सफलता के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि, इस बार माघ मेले में ज्यादा श्रद्धालु आएंगे। इसलिए मेले का क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में 500 बीघा बढ़ाकर ढाई हजार क्षेत्रफल कर दिया गया है। डायल 112 डायल की 20 चार पहिया और 25 दोपहिया वाहनों को लगाया गया है। 174 सीसीटीवी कैमरों में पूरे मेले को कवर करने की कोशिश की गई है। ड्रोन कैमरे से भी मेले पर नजर रखी जाएगी। कुंभ मेले में पिछले वर्ष मात्र 12 थाने और 36 पुलिस चौकियां बनाई गई थी। जबकि इस बार 13 थाने और 29 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की तादात को देखते हुए इस बार मेला क्षेत्र में तकरीबन 5 किलोमीटर लंबा स्नान घाट बनाया गया है। गंगा और यमुना किनारे कुल 16 स्नान घाट बनाए गए हैं। सबसे बड़ा संगम स्नान घाट है। सर्कुलेटिंग एरिया में 3 किलोमीटर के स्नान घाट की तैयारी चल रही है। यहां 1 मिनट में 13 से 15000 श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। महिलाओं के लिए 700 चेंजिंग रूम बन रहे हैं। 50 हाई मास्ट रोशनी के लिए लगाए गए हैं। रात में सभी स्नान घाट दूधिया रोशनी से जगमग दिखाई देंगे। वर्ष 2018 के मेले में 5 सेक्टर थे, जबकि इस बार 6 सेक्टर में मेला बसाया जा रहा है। सेक्टर 1 क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा होगा। इसमें संगम परेड मैदान शामिल है। सेक्टर एक में ही सरकारी विभागों के कार्यालय कंट्रोल रूम, पुलिस लाइन, मीना बाजार व झूले लगाए गए हैं। सेक्टर एक को छोड़कर सभी सेक्टरों में कल्प वासियों को बसाया जा रहा है। सेक्टर 2 काली मार्ग से नागवासुकि तक होगा, जबकि सेक्टर 3, 4 और 5 झूसी क्षेत्र में है। सेक्टर 6 अरैल क्षेत्र में है। खाक चौक, दंडी बाड़ा और आचार्य बाड़ा भी झूसी क्षेत्र में ही हैं। माघ मेले के दौरान रेलवे ने तीन प्रमुख स्नान पर्वो मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर कुल 225 मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई है। अन्य तीन पर्वों पौष पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।