जीत के लिए लिया था संकल्प…..

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बाबा का हाईवोल्टेज ड्रामा

भोपाल-  भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में मिर्ची यज्ञ करके सिंह की जीत की भविष्यवाणी करने और उनके हारने पर समाधि लेने की घोषणा करने वाले स्वामी वैराग्यानंद गिरी जल समाधि लेने कामाख्या मंदिर (गुवाहटी) से भोपाल पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा है कि दोपहर 2.11 पर समाधि का महुर्त है, वे समाधि जरूर लेंगे। हालांकि बाबा की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने एक डीएसपी सहित करीब दस पुलिसकर्मियों को उनके साथ तैनात किया है।
आज सुबह भोपाल पहुंचे वैराग्यानंद गिरी ने कहा कि अगर उन्हें समाधि लेने से रोका गया तो वह अन्न-जल त्याग देंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की हार के बाद उन्हें धमकी मिल रही हैं। बाताया जा रहा है कि सुबह भोपाल पहुंचने पर बाबा भोपाल में अपने मीनाल रेसीडेंसी स्थित बंगले पर पहुंचे यहां उन्हें अपना सोफा और टीवा गायब मिला। फिलहाल बाबा राजधानी की एक होटल में आराम कर रहे हैं। दोपहर में उनका कलेक्टर तरुण पिथौड़े से मिलने जाने का कार्यक्रम है।
इससे पहले शुक्रवार को वैराग्यानंद की तरफ से अधिवक्ता माजिद अली ने कलेक्टर तरुण पिथौड़े को स्वामी गिरी द्वारा लिखा गया पत्र सौंपा था। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ब्रह्मलीन समाधि लेने के लिए मुझे अनुमति दी जाए। उन्होंने लिखा है कि अभी वे कामाख्या मंदिर (गुवाहटी) में तपस्यारत हैं। रविवार को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर वो ब्रह्मलीन समाधि लेना चाहते हैं। चूंकि मैंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की जीत की कामना के लिए यज्ञ किया था और इस दौरान यह संकल्प लिया था कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह चुनाव हार जाते हैं, तो मैं हवन कुंड में ब्रह्मलीन समाधि ले लूंगा।
23 मई को आए लोकसभा चुनावों के परिणाम में दिग्विजय सिंह भाजपा की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से हार गए हैं, इसलिए मैंने जो संकल्प उस वक्त लिया था, उसे मैं अब पूरा करना चाहता हूं, इसलिए मुझे ब्रह्मलीन समाधि लेने की अनुमति प्रदान की जाए और साथ ही इसके लिए स्थान का निर्धारण करने की अनुमति दी जाए।
इधर, स्वामी गिरी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर पिथौड़े ने एक पत्र डीआईजी इरशाद वली को लिखा था। कलेक्टर ने बताया कि चूंकि देश में ब्रह्मलीन समाधि के लिए कोई अनुमति नहीं दी जा सकती है और ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है। इसलिए स्वामी गिरी की जानमाल की सुरक्षा के लिए विधि सम्मत कार्रवाई करने के लिए पुलिस व्यवस्था बनाए। साथ ही इसकी जानकारी उनके अधिवक्ता द्वारा स्वामी वैराग्यानंद गिरी तक पहुंचा दी गई है।
चुनाव परिणाम आने के बाद गायब हो गए थे स्वामी गिरी
23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से हार गए थे। इसके बाद वैराग्यानंद गिरी अचानक गायब हो गए थे।

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